सुखासन योग कैसे किया जाता है? सुखासन योग करने से लाभ।

सुखासन योग करने से लाभ- (Benefits of doing Sukhasana Yoga) –

  • ध्यान के लिए यह उत्कृष्ट आसन है।
  • भोजन करते समय इस आसन का उपयोग हितकारी होता हैं।
  • जो ध्यान के लिए पदमासन लगाने में असमर्थ हैं वे इस आसन का उपयोग कर सकते हैं।
  • पूजा-पाठ में यह आसन अधिकतर किया जाता हैं, एवं लाभदायक होता हैं।
  • यह आसन शारीरिक स्फूर्ति, मन की शांति और शरीर को निरोगी रखने में होता लाभकारी हैं।

सुखासन योग- (Sukhasana Yoga) 

आप अपने दिन की शुरुआत योगा अभ्यास के साथ करना चाहिते हैं? क्या आप योगा अभ्यास सीखने में शुरुआती है? अगर हाँ, तो आपको हम योगा अभ्यास कैसे किया जाता हैं?  शुरुआत में आप योगा अभ्यास करने में सबसे आसान योग अभ्यास एवं सुरुआत योगा आसान है, वह जिसे सुखासन योगा अभ्यास कहा जाता हैं। से आप योगा अभ्यास करना शुरू करेंगे।

शाब्दिक अर्थ: सुख का अर्थ प्रसन्नता हैं। यह आसन पालथी मारकर बैठने की वजह से सुखासन कहलाता है। एवं जिस आसन में बैठने से सुख की अनुभूति हो, वह भी सुखासन कहलाता हैं, परन्तु प्राचीन समय से पालथी लगाकर बैठने वाले आसन को ही सुखासन माना जाता रहा है, हम जानेंगे सुखासन योग कैसे किया जाता है सुखासन योग करने से लाभ के बारे में।

Benefits of doing Sukhasana yoga.
(Benefits of Doing Sukhasana Yoga)

 

सुखासन योग करने की विधि- (Method of doing Sukhasana yoga) 

सुखासन योगा अभ्यास-
सुखासन योग अभ्यास करने के लिए सबसे पहले आप अपने योग मेट पर अपने दोनों पैरों को मोड़कर आराम से बैठ जाएं। अब अपनी पीठ को सीधा रखें एवं अपने दोंनो हाथो को अपने घुटनों के ऊपर सीधे करके हाथों की हथेलियों को ऊपर की ओर रखें। अब बहुत आराम से आप अपनी आँखों को बंद करें। अब आप गहरी सांस ले, एवं सांस पूर्णतः बाहर छोड़ें। आप जब भी योगा अभ्यास करें, चाहे आप शुरुआती हो या पहले से ही योगा करने वाले, हमेशा सुखासन योग अभ्यास से ही अपने दिन की शुरुआत करें।

सुखासन योग अभ्यास करने से आपका मन शांत होगा। आप अपना पूरा ध्यान सुखासन योग अभ्यास में लगाकर योगा करें। सब काम भूलकर आप अपने सुखासन योग अभ्यास में समय देंगें। अब आप गहरी सांस ले एवं छोड़ें। यह प्रक्रिया आप बार बार करें।

ध्यान – समस्त चक्रों से निकलने वाली ऊर्जा की अनुभूति।

श्वासक्रम: प्राणायाम के साथ/अनुकूलतानुसार।

समय: यथासंभव।

दिशा – पूर्व या उत्तर। (आध्यात्मिक लाभ हेतु)

सुखासन योग अभ्यास के लाभ- (Benefits of Sukhasana Yoga Practice)

  1. सुखासन योग अभ्यास लगातार करने से कमर एवं जंघाएँ में लचीलापन आता हैं।
  2. सुखासन योग अभ्यास करने से अन्य आसान जो सुखासन योग अभ्यास के बाद किये जाते हैं। (जैसे पद्मासना, अर्थ पद्मासना, सिद्धासन, योनी सिद्धासन “सूर्यनमस्कार” आसन) करने के लिए हमारा शरीर तैयार होता हैं एवं शरीर मे लचीलापन आता हैं।
  3. सुखासन योग अभ्यास करने से शरीर मे रक्त का संचालन ठीक प्रकार से होता हैं। जिससे कि मस्तिष्क तक रक्त पर्याप्त मात्रा में मिल पाता है। जिससे स्मरण शक्ति बढ़ती हैं। सोच में सकारात्मक आती हैं, दिमाग तेज होता हैं।
  4. सुखासन योग अभ्यास ध्यान करने के लिए एक अच्छा आसन माना जाता हैं। ओर यह बहुत आसान भी हैं।
  5. आप चाहे तो भोजन करते समय भी सुखासन योग अभ्यास कर सकते हैं। यह पाचनतंत्र के लिए बहुत ही फ़ायदेंमंद होता हैं।
  6. यदि आपको पद्मासन योग में ध्यान करने में समस्या होती हैं तो आप सुखासन योग अभ्यास में बैठ कर ध्यान का लाभ ले सकते हैं।
  7. सुखासन योग अभ्यास आप किसी भी समय कर सकते हैं। पुजन के दौरान पंडित एवं अन्य लोग भी सुखासन योग की मुद्रा में ही बैठा करते हैं।
  8. सुखासन योग अभ्यास यदि आप हर रोज करते हैं तो आप मन को शान्त एवं शारीर को स्फूर्ति एवं स्वयं को निरोगी बना सकते हैं।
  9. जब भी आप योगा अभ्यास करें सुखासन योग अभ्यास से ही अपने योगा की शुरूआत करें। यह योग शिक्षा का पहला योगा अभ्यास हैं।
  10. सुखासन योग अभ्यास करने के लिए आप दिशा- उत्तर दिशा या पूर्व दिशा की तरफ मुँह रखें। इससे आपको योगाभ्यास करने से आद्यात्मिक लाभ होंगे।

सुखासन योग करते समय सावधानी-

  • जिन भी लोगों को घुटनों का दर्द बना रहता हैं यह सुखासन योग अभ्यास ना करे।
  • सुखासन योग अभ्यास वह लोगों भी ना करें जिनमें पेट से संबंधित बीमारी हो।

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