दौड़ते समय सांस कैसे लेनी चाहिए?

दौड़ना- (Running Karna)
दौड़ते समय सांस कैसे लेनी चाहिए यह सवाल हर एक पर्सन के दिमाग मे जरूर आता हैं जब वह रनिंग शुरू करता हैं। दौड़ते समय हर व्यक्ति के सामने बहुत सी परेशानी आती हैं। और यह कोई बड़ी बात नही हैं, जब भी आप कोई अच्छा काम करने की सोचते होंगे कोई ना कोई परेशानी जरूर आती हैं।

(Running Karte Samay Saans Kaise Len)

दौड़ते समय सांस कैसे लें? (Running Karte Samay Saans Kaise Len?)
रनिंग करते समय सांस कैसे लें यह सवाल मन में आता जरूर हैं क्योंकि हमारा शरीर तो और अधिक दौड़ने के लिए तैयार हैं। पर हमारी सांसे थोड़ा दौड़ने के बाद फूलने लगती हैं, जैसे अब और दौड़ते रहे तो हम अचानक से गिर ही जायेंगे।

हम आपको बता दें कि दौड़ते समय सांस का फूलना या दौड़ते समय सांस कैसे लें, ऐसा होने का सिर्फ एक ही कारण हो सकता हैं। वह हैं आपके सांस लेने का तरीका सही ना होना।
दौड़ते समय सांस ठीक से ना लेने पर, सांस फूलने लगती हैं। इस कारण रनिंग को रोकना पड़ता हैं। और यह सिर्फ आपकी ही समस्या नही हैं। यह हर उस व्यक्ति की भी हैं जो सुरुआत में रनिंग करने का सोचता है एवं कुछ दिन रनिंग करने के बाद रनिंग करना बंद कर देता हैं।

हम आपको बता दें कि रनिंग करना एक कला हैं यह कला आप अधिक समय तक सांस लेने की प्रक्रिया को आप रनिंग करने के अभ्यास से सिख सकते हैं। अगर आप रनिंग करने की प्रैक्टिस नही करेंगे तो आप सांस लेने की प्रक्रिया को भी ठीक प्रकार से नही सिख पाएगें। जितना अधिक आप दौड़ने की प्रैक्टिस करेंगे उतनी ही अच्छी आपकी रनिंग के समय सांस लेने की प्रक्रिया हो जाएगी। और सांस लेना भी इस कला का एक विषय हैं, जिसे आप सिख सकते हैं।

हर रनिंग करने वाले व्यक्ति का अपना रनिंग करने का एक अलग अंदाज होता हैं। यह आप हर किसी से पूछेंगे तो वह आपको अलग अलग तरीके बताएंगे। आप रनिंग करने की कला को कम समय मे सीखना चाहते हैं, तो आप रनिंग का अधिक अभ्यास करें, एवं हर रोज नियमित रनिंग करें। जिससे आप कम समय मे अच्छे से रनिंग करना एवं सांस को मेंटेन करना सीख सकते हैं।

(Raning Karne Ka Sahi Tarika Bataiye)

रनिंग करने का सही तरीका बताइए? (Raning Karne Ka Sahi Tarika Bataiye?)

हम दो प्रकार से सांस लेते हैं।

  • सामान्य सांस लेना। (Normal Breathing Techniques)
  • गहरी सांस लेना। (Deep Breathing Techniques)

सामान्य सांस लेने का तरीका- (Normal Saans Lene Ka Tarika)

सामान्य रूप से जब हम सांस लेते हैं तो फेफड़ों का ऊपरी भाग ही सांस लेने में इस्तेमाल किया जाता हैं। और हमारे शरीर को आवश्यक सांस प्राप्त हो जाती हैं। जिससे शरीर में होने वाली प्रक्रिया काम कर सकती हैं। एवं हमारे शरीर मे फेफड़ों की सांस लेने की क्षमता 5-6 लीटर होती हैं। जबकि सामान्य व्यक्ति सांस लेने में आधा लीटर ऑक्सीजन (O2) ही लेते हैं। औऱ आधा लीटर कार्बन-डाई ऑक्साइड (CO2) को छोड़ते हैं। इस प्रक्रिया में शरीर का संतुलन बना रहता हैं।

जबकि हम रनिंग करते समय सांस लेने में जल्दी जल्दी सांस लेने की वजह से फेफड़ों में जरूरत से अधिक ऑक्सीजन भर जाती हैं एवं जिससे सांस लेने का बैलेंस बिगड़ जाता हैं। और फिर नई ऑक्सीजन फेफड़ों में कम जाती हैं। और फेफड़ों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ने लगता हैं। और फेफड़े सांस लेने की प्रक्रिया ठीक से नहीं कर पाते हैं, एवं फेफड़े जल्दी थक जाते है। और साथ ही साथ शरीर मे लेक्टिक एसिड की मात्रा बढ़ने लगती हैं जिससे शरीर मे थकान होने लगती हैं। एवं हम रनिंग करते करते रुक जाता हैं। या पूर्णतः थक जाता हैं। इसलिए यह जरूरी हैं कि सांस लेने की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाना चाहिए। एवं सांस को धीरे धीरे लें एवं छोड़ें।

(Raning Karne Ka Sahi Tarika Bataiye)

गहरी सांस लेने की तकनीक- (Deep Saans Lene Ka Tarika)

सामान्य सांस लेने की प्रक्रिया में जब हम सांस लेते हैं। तो हमारी चेस्ट (सीना) फूलता हैं। लेकिन हमें एक गहरी सांस लेना हैं। तो हमारा पेट फूलना चाहिए। यानी गहरी सांस लेने में हम अपने पेट तक सांस खीचते हैं और धीरे धीरे छोड़ते हैं। जैसा कि योग अभ्यास के समय किया जाता हैं। इस अभ्यास में ऑक्सीजन पेट तक आती हैं। क्योंकि मानव फेफड़ों की लंबाई पेट (डायफ्राम) तक होती हैं। जब हम गहरी सांस लेते हैं। तो डायफ्राम फैलता हैं जिससे पेट फूलता हैं।

दौड़ते समय सांस कैसे लें? दौड़ते समय सांस लेने का सही तरीका बताइए? Running Karte Samay Saans Kaise Le | Running Karte Samay Saans Lene Ka Sahi Tarika Bataiye

रनिंग करते समय या रनिंग का अभ्यास करते समय आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा-

  • दौड़ते समय सांस को लंबा एवं गहरा खीचना हैं। जिससे कि ऑक्सीजन पेट तक पूर्णतः जाएं। और हम एक सांस में 5-6 कदम दौड़ सकें। क्योंकि आप छोटी सांस लेंगे (सोने तक) तो वह 1-2 कदम में ही खत्म हो जाएगी एव आप जल्दी जल्दी सांस लेने लगेंगे । और कुछ दूरी दौड़ने के बाद आप थक जायेगे।
  • सही तरीके से सांस लेना एवं छोड़ना- आप जानते हैं कि रनिंग करते समय सांस लेना जितना जरूरी है। उतना ही जरूरी सांस छोड़ना भी है।
    जीतनी सांस अपने खिंची हैं। उतनी सांस आप वापस छोड़ें। शरीर मे ना रहने दें। क्योंकि आपको फिर से नई सांस अंदर लेना हैं।
  • सांस लेने की स्पीड आपके दौड़ने की स्पीड पर निर्भर करती है।
    अगर आप धीरे-धीरे दौड़ रहे हैं। तो आप सांस लेने की स्पीड भी धीरे-धीरे रखें। और अगर आप तेज दौड़ रहे हैं। तो सांस भी तेज लें एवं तेज ही छोड़ें।
  • रनिंग करते समय पैरो को आगे बढ़ाना- पैरो के साथ-साथ सांस लेना एवं सांस छोड़ना भी। दोनो ही प्रकिया साथ साथ होनी चाहिए। जैसे कि- 2 कदम तक सांस अंदर लेना एवं अगले दो कदम में सांस को पूर्णतः छोड़ना। या 3 कदम तक सांस को अंदर लेना एवं अगले 3 कदम तक सांस को पूर्णतः बाहर छोड़ना।

यह आप अपने रनिंग करने के अंदाज एवं अभ्यास के हिसाब से सेट कर लें। इस अभ्यास के बाद आप एक अच्छी दौड़ दौड़ने के लिये तैयार होते जायेगे। बस आपको अभ्यास करने की आवश्यकता हैं। जितना अधिक आप अभ्यास करेंगे उतना ही अधिक आपके लिए सांस लेना एवं रनिंग करना आसान होता जायेगा।

रनिंग करते समय सांस नाक से लें या मुँह से? Running Karte Samay Saans Naak Se Le Ya Muh Se

कोइ भी व्यक्ति जब रानिंग शुरू करता हैं। तो वह छोटी-छोटी गलतियां करता ही हैं। आप देखिए कि कौन-कौन सी छोटी-छोटी ग़लती आप रानिंग करते समय कर रहे हैं। उनमें सुधार कीजिए एवं लगातार अभ्यास करते रहने से आप एक दिन रानिंग के मास्टर बन जायेंगे। इसके लिए आपको सबसे पहले आपको अपनी कमियों को एक एक करके सुधार करना होगा जैसे-

  • कम स्पीड में लंबी गहरी सांस लेना सीखे।
  • सांस एवं कदमों का ताल बनाना सीखें।
  • नाक से सांस लें एवं मुँह से सांस बाहर निकाले।
  • नाक से सांस लें ओर फ़िर नाक से ही सांस बाहर निकालें।

रनिंग करते समय कभी भी आपको मुँह से सांस नही लेनी चाहिए। जब भी आप साँस लें नाक से ही लें, क्योंकि नाक का अपना एक सांस लेने का डिफेंस सिस्टम होता हैं। जैसे हम सांस लेते हैं। तो नाक शुद्ध ऑक्सीजन फेफड़ों तक पहुंचाने का काम करती हैं। लेकिन जब हम मुँह से सांस लेते हैं। तो खराब हवा, (आक्सीजन) फेफड़ों तक पहुँच जाती हैं। जिससे शरीर को नुकसान होता हैं।

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