भ्रामरी प्राणायाम।

Bhramari Pranayama.

प्राणायाम: “प्राणायाम” दो शब्दों के योग से मिलकर बना है- (प्राण + आयाम) पहला शब्द “प्राण” है। दूसरा शब्द है। “आयाम” प्राण का अर्थ जो हमें शक्ति प्रदान करता है एवं बल प्रदान करता हैं। आयाम का अर्थ जानने के लिये इसका संधि विच्छेद करना होगा क्योंकि यह दो शब्दों के योग (आ + याम) … Read more

कपालभाति प्राणायाम।

kapaalabhaati praanaayaam.

कपालभाति प्राणायाम- सुखासन योग, सिद्धासन योग, पद्मासन योग, वज्रासन योग में बैठें एवं साँस को बाहर फैंकते समय पेट को अन्दर की तरफ धक्का देना है, कपालभाति प्राणायाम में सिर्फ साँस को छोड़ते रहना है। दो साँसों के बीच अपने आप साँस अन्दर चली जायेगी, आप यह ध्यान रखें कि जान-बूझ कर साँस को अन्दर … Read more

प्राणायाम।

praanaayaam yoga.

प्राणायाम: प्राणायाम दो शब्दों के योग से मिलकर बना है- (प्राण+आयाम) पहला शब्द “प्राण” है। दूसरा शब्द है। “आयाम” प्राण का अर्थ जो हमें शक्ति प्रदान करता है एवं बल प्रदान करता हैं। आयाम का अर्थ जानने के लिये इसका संधि विच्छेद करना होगा क्योंकि यह दो शब्दों के योग (आ + याम) से बना … Read more

कपालभाति प्राणायाम कैसे करें?

kapaalabhaati praanaayaam kaise karen.

कपालभाति प्राणायाम: कपालभाति योग में षट्कर्म (हठ योग) की एक विधि (क्रिया) है। संस्कृत में कपाल का अर्थ होता है माथा या ललाट और भाति का अर्थ है तेज। कपालभाति प्राणायाम का नियमित अभ्यास करने से मुख पर आंतरिक प्रभा (चमक) से उत्पन्न तेज रहता है। कपाल भाति बहुत ऊर्जावान उच्च उदर श्वास व्यायाम है। … Read more

अष्टांग योग।

ashtang-yoga.

अष्टांग योग- अष्टांग योग: महर्षि पतंजलि ने योग को ‘चित्त की वृत्तियों के निरोध’ (योगः चित्तवृत्तिनिरोधः) के रूप में परिभाषित किया है। उन्होंने ‘योगसूत्र’ नाम से योगसूत्रों का एक संकलन किया जिसमें उन्होंने पूर्ण कल्याण तथा शारीरिक, मानसिक और आत्मिक शुद्धि के लिए अष्टांग योग (आठ अंगों वाले योग) का एक मार्ग विस्तार से बताया … Read more

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