रिफाइंड ऑइल है सेहत के लिए खतरनाक, यह है कारण।

रिफाइंड ऑइल- (Refined Oil) हमें स्वस्थ रहना है, ओर हमारी सेहत का ख्याल रखना है, तो हमें हमारे दैनिक खान पान पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए, रिफाइंड ऑइल है सेहत के लिए खतरनाक, यह है कारण। दैनिक जीवन मे खाने बनाने में उपयोग ताजी हरि सब्जियों के साथ साथ हमें सब्जियों एव खाना बनाने में  … Read more

सूर्य नमस्कार कैसे करें? | सूर्य नमस्कार के चरण बताइए?

सूर्य नमस्कार- सूर्य देव को नमस्कार। सूर्य देव को अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु देने वाले भगवान माने जाते हैं। प्राचीन समय मे सूर्य नमस्कार दिनचर्या का एक हिस्सा था। और आध्यात्मिक जीवन का भी अंग था। सूर्य नमस्कार योगासन और प्राणायाम का सयोगः हैं, यह प्रारम्भिक अभ्यास और योगासन के बीच किया जाता हैं। … Read more

सूर्य नमस्कार के चरण।

सूर्यनमस्कार- सूर्यनमस्कार का शाब्दिक अर्थ है सूर्य को अर्पण करना।  आज हम आपको बताने वाले हैं, सूर्य नमस्कार कितने प्रकार के होते हैं और उनको करने से क्या क्या फ़ायदे है। सूर्य नमस्कार 12 मुद्राओ में किया जाने वाला एक योग हैं। इसके अभ्यास से शरीर निरोग होता हैं। इन मुद्राओं में शरीर को कमर से … Read more

स्वस्थ कैसे रहें?

svasth kaise rahen.

  स्वस्थ कैसे रहें- अगर प्रकृति का इरादा आपको जीवित रखने का नहीं होता, तो आप मर गए होते, अब भी आप उन दवाओं के कारण, जो आपने ली हैं या हेल्थ चेकअप और अपने अस्पताल की सलाह के कारण जीवित नहीं हैं, बल्कि इसलिए जीवित हैं क्योंकि प्रकृति अभी आपको जीवित रखना चाहती है। … Read more

सुबह जल्दी उठने के फ़ायदे।

subah jaldee uthane ke phaayade.

सुबह जल्दी उठाना- सुबह उठने की आदत सफलता पाने के लिए बहुत ही ज़रूरी है और हर किसी ने बचपन से यह अपने बड़ों से सुना होगा की सुबह जल्दी उठना चाहिए| दरअसल सुबह जल्दी उठने के कई लाभ हैं| सुबह के समय आपका दिमाग ज्यादा फ्रेश होता है| सुबह जल्दी कैसे उठें, सुबह जल्दी उठने … Read more

खाना खाने के तुरंत बाद प्रेशर आना है IBS की समस्या यह करें उपचार।

IBS की समस्या-  बहुत से लोग खाना खाने के तुरंत बाद टॉयलेट के लिए दौड़ते हैं और ऐसा दिन में एक बार नहीं बल्कि कई बार होता है और हर मल में चिकना पदार्थ आने की शिकायत होती है। खाना खाने के तुरंत बाद प्रेशर आना है IBS की समस्या यह करें उपचार। ताजा होने के बाद … Read more

गर्भवती महिला का ब्लड प्रेशर कितना होना चाहिए?

गर्भावस्था- गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में उच्च रक्तचाप के अनेक लक्षण होते एवं उनमें खान-पान में बदलाव होना, तनाव होना, नींद ना आना, अधिक सोचना, कुछ बाते जो आप को गर्भावस्था के दौरान पता होनी चाहिए!  कुछ सवाल जो गर्भवती महिलाओं में होते है जैसे – गर्भावस्था में उच्च रक्तचाप। (High Blood Pressure in Pregnancy) … Read more

किशोरावस्था में उच्च रक्तचाप।

किशोरावस्था में उच्च रक्तचाप- (Kishoravstha Me High Blood Pressure)बचपन का मोटापा और उच्च रक्तचाप भविष्य में दिल की बीमारी की चेतावनी देते हैं  जो तीन साल की उम्र के रूप में कुछ युवा है, मोटापे, उच्च रक्तचाप और बाद में रक्त वाहिकाओं को नुकसान के बीच एक कड़ी को दर्शाता है। यह शोध आज ईएपीसी एसेंशियल्स … Read more

गर्भवती महिलाओं में उच्च रक्तचाप का बच्चे पर प्रभाव।

उच्च रक्तचाप- (High Blood Pressure) एक नए अध्ययन के अनुसार, जिन माताओं का उच्च रक्तचाप होता है, उनके बच्चों के दिलों में थोड़ा अलग-अलग आकार के दिल होने की संभावना होती है। गर्भवती महिलाओं में उच्च रक्तचाप का बच्चे पर प्रभाव। जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में गुरुवार को प्रकाशित शोध में यह समझने की एक … Read more

ब्लड प्रेशर क्यों बढ़ता हैं कारण बताइए? | सामान्य ब्ल्ड प्रेशर-हाई ब्लड प्रेशर कितना होता हैं?

हाई ब्लड प्रेशर- (High Blood Pressure)


उच्च रक्तचाप वास्तव में क्या है? और सर्वोत्तम उपचार के लिए चिकित्सा उद्योग के बीच वैश्विक समझौता क्यों नहीं है? हमारी ब्लड प्रेशर रिपोर्ट के भाग 1 में उच्च रक्तचाप और उच्च रक्तचाप के लिए आमतौर पर निर्धारित दवाओं के खतरों के बारे में अधिक जानें। रक्तचाप आपके रक्त की वह शक्ति है जो हर बार आपका दिल धड़कता है। ब्लड प्रेशर क्यों बढ़ता हैं कारण बताइए? | सामान्य ब्ल्ड प्रेशर-हाई ब्लड प्रेशर कितना होता हैं? हर बार जब आपका दिल धड़कता है तो आपका रक्तचाप उच्चतम होता है, धमनियों में रक्त पंप करता है। इसे सिस्टोलिक दबाव कहा जाता है, और यह आपके पढ़ने की उच्च संख्या है। डायस्टोलिक दबाव धड़कन के बीच के दबाव को मापता है, जब आपका दिल आराम पर होता है। ब्लड प्रेशर क्यों बढ़ता हैं कारण बताइए? | सामान्य ब्ल्ड प्रेशर-हाई ब्लड प्रेशर कितना होता हैं?


blood pressure kyo badhta hai karan bataiye.



सोते समय आपका रक्तचाप सबसे कम होता है और हालांकि यह दिन के दौरान कुछ बदलता रहता है, यह उसी के करीब रहता है। सामान्य रक्तचाप 120/80 है। यदि आपका सिस्टोलिक दबाव 140 या उससे अधिक हो जाता है, या यदि आपका डायस्टोलिक दबाव 90 या उससे अधिक तक बढ़ जाता है, तो इसे उच्च रक्तचाप माना जाता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, तीन अमेरिकी वयस्कों में से एक का अनुमान है कि उच्च रक्तचाप है, जिसे उच्च रक्तचाप भी कहा जाता है, और इसका एक तिहाई खतरनाक है जिन्हें यह भी नहीं पता कि उनके पास यह है। इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि इस स्थिति को लंबे समय से “साइलेंट किलर” कहा जाता है। ब्लड प्रेशर क्यों बढ़ता हैं कारण बताइए? | सामान्य ब्ल्ड प्रेशर-हाई ब्लड प्रेशर कितना होता हैं? 


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ब्लड प्रेशर क्यों बढ़ता हैं कारण बताइए? | सामान्य ब्ल्ड प्रेशर-हाई ब्लड प्रेशर कितना होता हैं? उच्च रक्तचाप स्ट्रोक, दिल का दौरा, दिल की विफलता और गुर्दे की विफलता के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक है। और जब यह मोटापा, धूम्रपान, उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल या मधुमेह के साथ होता है, तो दिल का दौरा या स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यदि आपको 55 वर्ष की आयु तक उच्च रक्तचाप नहीं है, तो राष्ट्रीय हृदय, फेफड़े और रक्त संस्थान के अनुसार, आपके जीवन के किसी बिंदु पर इसे विकसित करने की संभावना 90 प्रतिशत है। हालांकि उच्च रक्तचाप बच्चों और वयस्कों दोनों में हो सकता है, यह 35 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में सबसे आम है, ब्लड प्रेशर क्यों बढ़ता हैं कारण बताइए? | सामान्य ब्ल्ड प्रेशर-हाई ब्लड प्रेशर कितना होता हैं?


हाई ब्लड प्रेशर कितना होता हैं? (High Blood Pressure Kitna Hota Hai) 

अपनी जीवनशैली में ये बदलाव करना उच्च रक्तचाप को रोकने में एक लंबा रास्ता तय कर करना है। अमेरिकी हार्ट एसोसिएशन (एएचए) के 2020 के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 103 मिलियन अमेरिकी-जो अमेरिका की आबादी के एक तिहाई से भी कम में उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं। ब्लड प्रेशर क्यों बढ़ता हैं कारण बताइए? | सामान्य ब्ल्ड प्रेशर-हाई ब्लड प्रेशर कितना होता हैं?
लेकिन जब उच्च रक्तचाप (जिसे डॉक्टर उच्च रक्तचाप के रूप में संदर्भित करते हैं) कई घातक स्वास्थ्य मुद्दों का कारण बन सकते हैं, कई अमेरिकियों के पास अभी भी यह नियंत्रण में नहीं है, सीडीसी के अनुसार – और कई को पता भी नहीं चल सकता है कि क्या उनके पास उच्च रक्तचाप है।

कुल मिलाकर, ब्लड प्रेशर को “एक पोत की दीवार पर रक्त के बल” के रूप में परिभाषित किया गया है, नेहा व्यास, एमडी, क्लीवलैंड क्लिनिक में एक परिवार के चिकित्सक, स्वास्थ्य को बताती है – और एक डॉक्टर द्वारा मापा गया आपका रक्तचाप यह बताने का एकमात्र तरीका है कि क्या आपका रक्तचाप बहुत अधिक है। ब्लड प्रेशर क्यों बढ़ता हैं कारण बताइए? | सामान्य ब्ल्ड प्रेशर-हाई ब्लड प्रेशर कितना होता हैं?

उच्च रक्तचाप में आमतौर पर सीडीसी के अनुसार कोई चेतावनी संकेत या लक्षण नहीं होते हैं। ऐसी स्थिति जिसमें खून, धमनी की दीवारों पर बहुत ज़्यादा दबाव डालता है।


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आमतौर पर 140/90 से ऊपर के रक्तचाप को अतितनाव (हाइपरटेंशन) के रूप में परिभाषित किया जाता है. अगर दबाव 180/120 से ऊपर है तो इसे घातक माना जाता है।

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हार्ट अटैक के लक्षण, कारण एवं आयुर्वेदिक उपचार बताइए।

हार्ट अटैक (Heart Attack)  आज एक आम बीमारी हो चला है, ताजा आंकडों के अनुसार 30 से 40 उम्र के लोगों को दिल संबंधी बीमारियों होने लगी है, माना जाता है कि हार्ट अटैक का कारण स्ट्रेस यानी तनाव है, हार्ट अटैक के लक्षण, संकेत एवं आयुर्वेदिक उपचार बताइए। जीवन की भागम भाग में लोग … Read more

अस्थमा को ठीक कैसे करें? | आस्थमा का आयुर्वेदिक उपचार बताइए।

अस्थमा- (Asthma)

मानव जाति और जीव-जंतु, पेड़-पौधे आदि ये ऐसे प्राणी है जो जिवित रहने के लिए इन्हें साँस की जरुरत होती है। अगर इन दोनों को एक पल भी साँस ना मिले तो ये जीवित नहीं रह सकते, क्यों की इनके जीवन का आधार ही साँस है। और इसी प्रकार यदि मानव को साँस लेने में दिक्कत होती है परेशानी होती है, तो इस स्थिति को ही दमा (अस्थमा) रोग कहते है।अस्थमा को ठीक कैसे करें? | आस्थमा का आयुर्वेदिक उपचार बताइए। 


Asthma Ko Thik Kaise Kare. Asthma Ka Ayurvedic Upchar Bataiye.

कुछ सवाल जो अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति में होते है- 

  • आस्थमा कोण सी बीमारी हैं? 
  • आस्थमा के  निदान?
  • आस्थमा एलर्जी क्या है? 
  • आस्थमा केसे  फेलता है?
  • आस्थमा के लिए योग? 
  • आस्थमा का जड़ से इलाज?
  • क्या आस्थमा पूरी तरह ठीक हो सकता हें? 


अस्थमा को ठीक कैसे करें? | आस्थमा का आयुर्वेदिक उपचार बताइए। | दमा (अस्थमा) के लक्षण- 

  1. दमा (अस्थमा) यह एक श्वसन तंत्र की बीमारी है, इसमें सांस लेने में मुश्किल होती है क्योंकि स्वास नलिका में कफ जम जाती है नसे सिकुड़ जाती है, जिससे पीड़ित को सांस लेने में समस्या होती हैं।
  2. दमा रोगी को छाती में कसाव महसूस होता है, सांस फूलने लगती है एवं बार बार खांसी आती है।
  3. दोस्तों यह शरीर मे शुरू होती है एलर्जी एव बड़ी आँत में कचरा यानी शरीर मे गंदगी बढ़ने से, बड़ रहे दैनिक प्रदूषण से धूल मिट्टी के कण  सांस लेने में फेफड़ों में चले जाते है, खांसने पर यह कण फेफड़ों की नसों में फेल जाते है जिससे फेफड़ों में सूजन आ जाती हैं।
  4. नसे सिकुड़ने लगती है, सांस लेने में तकलिफ होती है। 
  5. इसके अलावा जो लोग मैदे से बनी सड़ी हुई चीजें खा रहे है या रोज खाते हैं इसमें फाइबर की मात्रा बिल्कुल भी नही होने से यह पेट मे जाने पर बड़ी आंत में चिपकने लगता है एवं धीरे धीरे बडी आंत में कचरा बनने लगता हैं। जैसे जैसे बड़ी आँत में कचरा मल जनमे लगेगा वैसे ही बड़ी आँत की सफाई होने में मुश्किल आएगी।
  6. इसलिए हमारे आयुर्वेद में कहा है कि मैदे एव मैदे से बनी कोई भी चीज़ दैनिक आहार में शामिल नही होनी चाहिए। 

बड़ी आँत में कचरा फैलने पर कफ का निर्माण होता है ओर यह धीरे धीरे फेफड़ों की ओर फैलने लगता है जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है और यह बड़ी आँत में मल चिपकने  से होता हैं।


दमा-अस्थमा से कैसे बचें? एवं दमा-अस्थमा रोग में परहेज- (Dma-Asthma Se Kaise Bache, Dma-Asthma Rog Me Parhej) 


  • मैदा- दोस्तों मैदा शरीर के लिए हानि कारक है ही, साथ ही मैदे को सड़ाकर बनाइ गयी चीजें उससे भी अधिक है। मेदे को सड़ाकर बनाई गई चीजो में है डबल रोटी, बेकरी के बिस्किट एव अन्य चीजे आदि। यह अधिक सड़ाकर हम तक पहुचाई जाती है जिससे यह हमारे शरीर के लिए हानि कारक है, जैसे यह बड़ी आँत में ऐसे चिपकती है जैसे रोड पर डामर चिपका हो। सड़े हुए मैदे से बनी चीजें जब हमारे पाचन तंत्र से बड़ी आँत में जाती है तो वह डामर की तरह चिपक जाती है। ओर जब ऐसा होता है तो आप के लिए बहोत बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है, क्योंकि बहोत मुश्किल होता है इस मैदे को बड़ी आँत से निकलना, साधारण स्थिति में पानी तो इसको साफ नही कर पाता है।

इसलिए आप को इसे साफ करने के लिए खराब दवाओं का सेवन करना पड़ता है और बहुत स्ट्रांग दवाओं का सेवन करना पड़ता है, कई बार जुलाब करना पड़ता है, एनीमा देना पड़ता है, कई बार प्रकृतिक तरीके से पेट की सफाई करनी पड़ती हैं। इसलिए आप ऐसी गंभीर समस्या में फसे, इससे अच्छा यही है की आप मैदे एव मैदे से बनी चीजें का सेवन करना आज ही बंद कर दें। ताकि आप जीवन मे कभी दमा (अस्थमा) के शिकार ना हो।
मित्रो आप यह तो समझ गए होंगे कि दमा रोग किस कारण होता है।

Asthma Ko Thik Kaise Kare. Asthma Ka Ayurvedic Upchar Bataiye.


  • दमा-आस्थमा का आयुर्वेदिक उपचार बताइए- दमा रोग के इलाज के लिए आप डॉक्टर के पास जाते है, तो वह अधिक बार यही कहते है की इसको कभी खत्म नहीं किया जा सकता केवल कंट्रोल किया जा सकता है। लेकिन मित्रो ऐसा बिल्कुल भी नही हैं। इस रोग को जड़ से खत्म किया जा सकता है एव इस रोग का पूर्ण उपचार आयुर्वेद में बताया गया हैं। फेफड़ो में जमा कफ आँतों में जमा गंदगी से फैलता है, यदि हम शरीर से मल एवं गंदगी को ही बाहर निकाल दें तो शरीर मे कफ अधिक मात्रा में कम हो जागेगा। ओर धीरे धीरे दमा रोग (अस्थमा) जड़ से खत्म हो जाएगा।

  • अस्थमा कैसे ठीक करें? (Asthma Kaise Thik Kare)- जैसा कि हमने आप को पहले बताया कि बड़ी आँत में यह कचरा जमने से दमा रोग शरीर मे उत्पन्न होता है लेकिन इसको  घरेलू नुस्खों से शरीर से पूर्णतया साफ करना इतना आसान नही है। इसके लिए आप को प्राकृतिक सेंटर, या किसी जानकार वैध की नजरों में ही अपना पेट साफ करवाना होगा, तभी आप को दमा रोग में पूर्ण सफलता मिलेगी। यह आप के लिए कोई जटिल काम नही है आप आराम से नेचुरोपैथी सेंटर जाकर अपना आयुर्वेद चिकित्सा से अपना उपचार करवा सकते हैं। साथ ही हम आप को कुछ घरेलू नुस्खों एव आयुर्वेदिक उपचार के बारे में बता रहे है, जिससे आप के शरीर में  फेफड़ों में जमा कफ़ शरीर से बाहर हो जाएगा एव फेफड़ों में सूजन, इंफेक्शन दूर होंगा, एव आप आराम से पहले की तरह सांस ले सकेंगे।

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